माता शक्ति की उपासना के लिए नवरात्रि के पर्व को बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। देवी पूजन का ये पावन पर्व साल मे चार बार आता है, जिसमें पहली नवरात्रि चैत्र मास के शुक्लपक्ष में, दूसरी नवरात्रि आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष में, तीसरी अश्विन मास में और अंतिम नवरात्रि माघ के महीने में पड़ती है।

| चैत्र नवरात्रिः घटस्थापना कब करें ?
- चैत्र नवरात्रि घटस्थापना – 19 मार्च, 2026, गुरुवार (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)
- घटस्थापना मुहूर्त – 06:52 AM से 09:44 AM तक
- घटस्थापना अभिजित मुहूर्त – 11:21 AM से 12:09 PM तक
- प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – 19 मार्च 2026, 06:52 AM प्रतिपदा तिथि समाप्त – 20 मार्च 2026, 04:52 AM
घटस्थापना करने का सबसे शुभ समय प्रातःकाल का होता है, जब प्रतिपदा तिथि विद्यमान रहती है। यदि किसी कारणवश प्रातःकाल घटस्थापना संभव न हो सके, तो अभिजित मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है।
| कब होगी देवी के किस रूप की पूजा
(चैत्र नवरात्रि कैलेंडर)
- 19 मार्च, पहला दिन, प्रतिपदा तिथि, माँ शैलपुत्री पूजा
- 20 मार्च, दूसरा दिन, द्वितीया तिथि, माँ ब्रह्मचारिणी पूजा
- 21 मार्च, तीसरा दिन, तृतीया तिथि, माँ चंद्रघंटा पूजा
- 22 मार्च, चौथा दिन, चतुर्थी तिथि, माँ कूष्मांडा पूजा
- 23 मार्च, पांचवां दिन, पंचमी तिथि, माँ स्कंदमाता पूजा
- 24 मार्च, छठा दिन, षष्ठी तिथि, माँ कात्यायनी पूजा
- 25 मार्च, सातवां दिन, सप्तमी तिथि, माँ कालरात्रि पूजा
- 26 मार्च, आठवां दिन, अष्टमी तिथि, माँ महागौरी पूजा
- 27 मार्च, नौवां दिन, नवमी तिथि, माँ सिद्धिदात्री पूजा, नवरात्रि पारण एवं राम नवमी
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व और साधना फल होता है। अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन तथा हवन का विशेष महत्व माना जाता है।
ये थी साल 2026 की चैत्र नवरात्रि घटस्थापना के शुभ मुहूर्त से जुड़ी संपूर्ण जानकारी। हम कामना करते हैं कि माता रानी की कृपा आप पर बनी रहे और आपका व्रत सफल हो। ऐसे ही व्रत, त्यौहार और धार्मिक जानकारियों के लिए जुड़ें रहें

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