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  • श्री रामचंद्र जी की आरती

    श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।। भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।। सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।आजानु भुज शर चाप धर संग्राम…

  • आरती अम्बा जी की

    जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ओम जय अंबे गौरीमांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।उज्ज्वल से दो‌उ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ओम जय अंबे गौरीकनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ओम जय अंबे गौरीकेहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥ओम जय अंबे गौरीकानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।कोटिक चन्द्र…

  • शिव जी की आरती

    जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥अक्षमाला वनमाला रुण्डमाला धारी ।चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥श्वेताम्बर…

  • श्री हनुमान जी आरती

    आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके॥अंजनि पुत्र महा बलदाई।संतन के प्रभु सदा सहाई॥दे बीरा रघुनाथ पठाए।लंका जारि सिया सुधि लाए॥लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।जात पवनसुत बार न लाई॥लंका जारि असुर संहारे।सियारामजी के काज सवारे॥लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।आनि संजीवन प्राण उबारे॥पैठि पाताल तोरि जम-कारे।अहिरावण…

  • एकादशी माता की आरती

    ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता।विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी…॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी,भक्ति प्रदान करनी।गण गौरव की देनी माता,शास्त्रों में वरनी॥ ॐ जय एकादशी…॥ मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना,विश्वतारनी जन्मी।शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा,मुक्तिदाता बन आई॥ ॐ जय एकादशी…॥ पौष के कृष्ण पक्ष की,सफला नामक है।शुक्लपक्ष…

  • आरती श्री जाहरवीर जी की

    जय जय जाहरवीर हरे,जय जय गूगा वीर हरेधरती पर आ कर भक्तों के दुख दूर करे॥ जय जय जाहरवीर हरे॥ जो कोई भक्ति करे प्रेम से हां जी करे प्रेम सेभागे दुख परे विघ्न हरे,मंगल के दाता तन का कष्ट हरे। जय जय जाहरवीर हरे॥ जेवर राव के पुत्र कहाई रानी बाछल माताबागड़ जन्म लिया…

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