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  • श्री मनसा देवी की आरती

    जय मनसा माता श्री जय मनसा माताजो नर तुमको ध्याता, जो नर मैया जी को ध्याता मनवांछित फल पाता।जय मनसा माता। जरत्कारु मुनि पत्नी,तुम वासुकि भगिनी मैया तुम वासुकि भगिनी कश्यप की तुम कन्या आस्तीक की माता।सुरनर मुनिगण ध्यावत,सेवत नर नारी मैया सेवत नर नारीगर्व धन्वन्तरि नाशिनी,हंस वाहिनी देवी जय नागेश्वरी माता।जय मनसा माता। पर्वतवासिनी…

  • महालक्ष्मी आरती

    ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥ उमा,रमा,ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥ दुर्गा रूप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥ तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय लक्ष्मी…

  • आरती काली माता जी की

    मंगल की सेवा सुन मेरी देवा,हाथ जोड तेरे द्वार खड़े Iपान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेट धरे IIसुन जगदम्बे न कर विलम्बे, संतन के भडांर भरे Iसंतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे II बुद्धि विधाता तू जग माता, मेरा कारज सिद्ध करें Iचरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन पड़े…

  • श्री नर्मदा जी की आरती

    ॐ जय जगदानन्दी,मैया जय आनन्द कन्दी । ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा शिव ,हरि शंकर रुद्री पालन्ती॥ ॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥ देवी नारद शारद तुम वरदायक,अभिनव पद चण्डी। सुर नर मुनि जन सेवत,सुर नर मुनि शारद पदवनती॥ ॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥ देवी धूमक वाहन,राजत वीणा वादयन्ती। झूमकत झूमकत झूमकतझननना झननना रमती राजंती॥…

  • रविवार की आरती

    कहुँ लगि आरती दास करेंगे, सकल जगत जाकि जोति विराजे ||सात समुद्र जाके चरण बसे, कहा भयो जल कुम्भ भरे हो राम ।कोटि भानु जाके नख की शोभा, कहा भयो मन्दिर दीप धरे हो राम ।भार उठाकर रोमावलि जाके, कहा भयो शिर पुष्प धरे हो राम ।छप्पन भोग जाके नित प्रति लागे, कहा भयो नैवेघ…

  • आरती वैष्णो माता की

    जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता।॥ जय वैष्णवी माता…॥शीश पे छत्र बिराजे, मुरतिया प्यारी।गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी॥॥ जय वैष्णवी माता…॥ ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे,शंकर ध्यान धरे।सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे॥॥ जय वैष्णवी माता…॥ सुन्दर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे।बार-बार देखन को, ऐ मां मन चावे॥॥ जय वैष्णवी माता…॥ भवन…

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