HOME

STORIES

google-news

FOLLOW

JOIN

FOLLOW

श्री नर्मदा जी की आरती

ॐ जय जगदानन्दी,
मैया जय आनन्द कन्दी ।

ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा शिव ,
हरि शंकर रुद्री पालन्ती॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

देवी नारद शारद तुम वरदायक,
अभिनव पद चण्डी।

सुर नर मुनि जन सेवत,
सुर नर मुनि शारद पदवनती॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

देवी धूमक वाहन,
राजत वीणा वादयन्ती।

झूमकत झूमकत झूमकत
झननना झननना रमती राजंती॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

देवी बाजत ताल मृदंगा
सुरमण्डल रमती।

तोड़ीतान तोड़ीतान तोड़ीतान
तुरड़ड़ तुरड़ड़ तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

देवी सकल भुवन पर आप विराजत,
निशदिन आनंदी।

गावत गंगा शंकर,सेवत रेवा शंकर ,
तुम भव मेटन्ती॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

मैया जी को कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती।

अमर कंठ विराजत,
घाटन घाट कोटी रतन ज्योति॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

मैया जी की आरती निशदिन
पढ़ि पढ़ि जो गावें।

भजत शिवानन्द स्वामी
मन वांछित फल पावे॥

॥ ॐ जय जय जगदानन्दी ॥

Leave a Comment

हमारे बारे में

वेद पुराण ज्ञान में आपका स्वागत है 🙏
यहाँ आपको वेद, पुराण, व्रत-त्योहार, पंचांग और सनातन धर्म से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।
हमारा उद्देश्य है प्राचीन ज्ञान को आसान तरीके से आप तक पहुँचाना, ताकि हर व्यक्ति इसे समझ सके और अपने जीवन में अपना सके।